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अमर शहीद सूबेदार करनैल सिंह जिन्होंने दूसरे विश्व युध्द में चमार रेजिमेंट की तरफ़ से जापानी सेना के साथ लड़ते हुए 1945 में बर्मा में वीरगति पाई

अमर शहीद सूबेदार करनैल सिंह जिन्होंने दूसरे विश्व युध्द में चमार रेजिमेंट की तरफ़ से जापानी सेना के साथ लड़ते हुए 1945 में बर्मा में वीरगति पाई. शहादत से एक साल पहले ही ये गाँव में अपना घर बनवा कर गए थे लेकिन उसमें रहने के लिए वापिस नहीं लौट पाए. आज भी उस घर के खन्डहर पंजाब के गुरदास नन्गल गाँव में खडे हैं. उनकी शहादत की खबर सुन कर उनके पिता पागल हो गए थे. अमर शहीद करनैल सिंह को मिलट्री क्रास वीरता पुरस्कार से नवाज़ा गया था.

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Samta Awaz

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