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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की रहने वाली उर्मिला देवी ने जीवन में संर्घष देखने के बाद सिंगापुर में हुए वेटरन एथलेटिक्स गेम में गोल्ड मेडल जीता डीएम और पुलिस निरीक्षक ने दी बधाई 

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की रहने वाली उर्मिला देवी ने जीवन में संर्घष देखने के बाद सिंगापुर में हुए वेटरन एथलेटिक्स गेम में गोल्ड मेडल जीता डीएम और पुलिस निरीक्षक ने दी बधाई 
मुंबई पासी समाज मंडल ने भी स्वागत सम्मान किया था और प्रयागराज में शिवशक्ति वर्धन , संतोष भारतीय , मदन सरोज, राकेश पासी सहित काफी लोगो ने समान किया ।

भदोहीः जिले में हर तरफ एक ही महिला की चर्चा हो रही है, जिसका नाम उर्मिला देवी है हाल ही में उन्होंने सिंगापुर में हुए वेटरन एथलेटिक्स गेम में गोल्ड मेडल जीता है और उनकी इस उपलब्धि से उनका पूरा गांव खुश है. जीवन में उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उसका ही नतीजा है कि उर्मिला देवी जिले की एक सम्मानित अध्यापिका के रूप में जानी जाती हैं.अपने जीवन संर्घष के बारे में बताती उर्मिला देवी ।
कठिन समय में दिया परिवार वालों ने साथ-1992 में गैस लीक होने की वजह से उर्मिला का चेहरा झुलस गया था. 6 महीने तक वह कोमा में रही. चेहरा जला होने के कारण कई महीनों तक घर से बाहर नहीं निकली. बाहर निकली तो लोग उनसे दूर भागते थे. ऐसी स्थिति में परिवार वालों ने उनका साथ दिया और उर्मिला ने अपनी पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया. कड़ी मेहनत के बाद उर्मिला ने 1999 में अध्यापिका के रूप में कैरियर शुरूआत की ।
कोई नहीं करना चाहता था शादी-
उर्मिला देवी का चेहरा जला होने के कारण कोई शादी नहीं करना चाहता था. उन्होनें शादी न करने का फैसला किया. लेकिन परिवार वालों के दबाव में आकर शादी हो गई. उर्मिला देवी के जीवन में फिर भी परेशानियां ही लिखी थी पति के द्वारा आए दिन पीटा जाना, पति द्वारा उनको बदसूरत कहना. उर्मिला देवी का कहना है कि जो भी पैसे भविष्य के लिए इकट्ठे किए थे वे सारे पैसे पति लेकर चला गया ।
उर्मिला देवी ने नहीं मानी हार-
उर्मिला ने हार नहीं मानी और सिंगापुर में आयोजित वेटरन गेम में 5 किलोमीटर पैदल चाल में भाग लिया. सिंगापुर गई और भारत के लिए वेटरन गेम में गोल्ड मेडल जीता. इसके बावजूद भी उन्हें अपने विभाग द्वारा कोई मदद नहीं मिली और न ही बधाई. डीएम, पुलिस निरीक्षक और सचिव ने उनको सम्मानित किया ।
उर्मिला देवी का सपना-
उनका सपना है कि अपने गांव में एक स्पोर्ट्स कॉलेज खोला जाए और सभी गरीब बच्चों को निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाए ।
आज उन्होने जन जागरण चैनल को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपके जन जागरण चैनल के माध्यम से मुझे काफी पहचान मिली । मै उर्मिला मैडम को यही कहूंगा कि आप अब पहचान की मोहताज नहीं है , हा इस मीडिया ने आपको पहचान नहीं पाया इसका खेद मुझे जरूर है ।।

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Samta Awaz

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