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भाजपा ने आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएं पढ़ी हैं क्या कभी?

   भारत में आजकल संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर के नाम पर सियायत बहुत गर्म है.

 

  UP सरकार ने संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज उनके हस्ताक्षर से उनका पूरा भीमराव रामजी आंबेडकर नाम ढूंढ निकाला है और सरकारी तौर पर यही नाम इस्तेमाल करने का शासनादेश जारी कर दिया।

उत्तर प्रदेश में इस समय बीजेपी की सरकार है. राज्य सरकार जानती थी कि उनके इस फ़ैसले के कई सियासी मायने निकाले जाएंगे और ऐसा हुआ भी।

 1. मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं करूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.

2. मैं राम और कृष्ण, जो भगवान के अवतार माने जाते हैं, में कोई आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.

3. मैं गौरी, गणपति और हिन्दुओं के अन्य देवी-देवताओं में आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.

4. मैं भगवान के अवतार में विश्वास नहीं करता हूँ.

5. मैं यह नहीं मानता और न कभी मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे. मैं इसे पागलपन और झूठा प्रचार-प्रसार मानता हूँ.

6. मैं श्रद्धा (श्राद्ध) में भाग नहीं लूँगा और न ही पिंड-दान दूंगा.

7. मैं बुद्ध के सिद्धांतों और उपदेशों का उल्लंघन करने वाले तरीके से कार्य नहीं करूँगा.

8. मैं ब्राह्मणों द्वारा निष्पादित होने वाले किसी भी समारोह को स्वीकार नहीं करूँगा.

9. मैं मनुष्य की समानता में विश्वास करता हूँ.

10.मैं समानता स्थापित करने का प्रयास करूँगा.

11. मैं बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करूँगा.

12. मैं बुद्ध द्वारा निर्धारित परमितों का पालन करूँगा.

13. मैं सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया और प्यार भरी दयालु रहूंगा तथा उनकी रक्षा करूँगा.

14. मैं चोरी नहीं करूँगा.

15. मैं झूठ नहीं बोलूँगा.

16. मैं कामुक पापों को नहीं करूँगा.

17. मैं शराब, ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों का सेवन नहीं करूँगा.

18. मैं महान आष्टांगिक मार्ग के पालन का प्रयास करूँगा एवं सहानुभूति और अपने दैनिक जीवन में दयालु रहने का अभ्यास करूँगा.

19. मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ जो मानवता के लिए हानिकारक है और उन्नति और मानवता के विकास में बाधक है क्योंकि यह असमानता पर आधारित है, और स्व-धर्मं के रूप में बौद्ध धर्म को अपनाता हूँ.

20. मैं दृढ़ता के साथ यह विश्वास करता हूँ की बुद्ध का धम्म ही सच्चा धर्म है.

21. मुझे विश्वास है कि मैं (इस धर्म परिवर्तन के द्वारा) फिर से जन्म ले रहा हूँ.

22. मैं गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ घोषित करता हूँ कि मैं इसके (धर्म परिवर्तन के) बाद अपने जीवन का बुद्ध के सिद्धांतों व शिक्षाओं एवं उनके धम्म के अनुसार मार्गदर्शन करूँगा.

 

लेकिन नाम को लेकर हो रही सियासत के बीच सवाल ये भी है कि क्या राजनेता आंबेडकर के विचारों का भी पालन करते हैं? क्या वे उनके रास्ते पर भी चलते हैं?

  क्या BJP के नेता उन 22 प्रतिज्ञाओं के बारे में जानते हैं जो 15 अक्टूबर, 1956 को बाबा साहेब ने बौद्ध धर्मं ग्रहण करने पर अपने अनुयायियों के लिए निर्धारित की थीं.

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Samta Awaz

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